तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने से हल चल बढ़ी
तेलंगाना में विधानसभा चुनाव जल्द ही होने वाले हैं । विधानसभा चुनाव होने की वजह से तेलंगाना में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई है । इसके वजह से सियासी हलचल तेज हो गई है । लगातार रैलियां जनसभाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा प्रदेश भर में की जा रही हैं । ऐसी स्थिति में सत्तारूढ़ पार्टी तेलंगाना राष्ट्र समिति के खिलाफ महागठबंधन की कामयाबी को लेकर आश्वस्त कांग्रेस पार्टी को इस प्रकार की उम्मीद है कि पार्टी लगभग 119 सदस्य विधान सभा में कम से कम 80 सीट अपने खाते में जरूर लाएगी ।
तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने से हल चल बढ़ी
साल 2014 के तेलंगाना में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 22 सीटें जीती थी लेकिन कांग्रेस इस बार तेलुगू देशम पार्टी भाकपा और तेलंगाना जन सेवा समिति के साथ हुए महागठबंधन का हिस्सा है । ऐसे में तेलंगाना में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दृष्टिकोण से जीतना काफी जरूरी है । वही राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहेगा यह देखना लाज़मी होगा ।
तेलंगाना में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन कहीं ना कहीं आने वाले लोकसभा चुनाव पर भी अपनी छाप छोड़ेगा । वहीं गौड़ ने कहा कि महागठबंधन शब्द का इस राज्य विधानसभा चुनाव में कहीं भी प्रयोग नहीं है और उन्होंने इस बात की पूरी स्पष्टता जताई है कि उन्हें इस विधानसभा चुनाव में बेहतर कामयाबी मिलेगी । उन्होंने कहा है कि हमारी पार्टी कम से कम 75 से 80 सीट तेलंगाना में विधानसभा चुनाव में लेकर आएगी ।
टीआरएस के प्रमुख एवं कार्यवाहक मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर के पार्टी ने 107 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को जगह दी है। जबकि कांग्रेस महागठबंधन करने के पश्चात भी केवल 94 सीटों पर चुनाव लड़कर जीत के सपने देख रहे हैं । गौरतलब है कि तेलंगाना में विधानसभा चुनाव 2019 में लोकसभा चुनाव के साथ होने वाला था लेकिन मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के द्वारा विधानसभा को भंग कर दिए जाने के कारण अब राज्य विधानसभा का चुनाव 4 राज्यों छत्तीसगढ़ , मिजोरम , मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के साथ ही हो रहा है ।
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